थानों में काउंसलिंग से निपटेंगे सास बहू, ननद-भौजाई के झगड़े।

सम्मेलन के जरिए अब महिलाओं से सीधा संवाद करेगी पुलिस।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। परिवारों में बढ़ते घरेलू विवादों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को संवेदनशील तरीके से हल करने के लिए पुलिस विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से थाना क्षेत्रों और सामुदायिक सभाओं में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे, जहां सास-बहू और ननद-भौजाई जैसे पारिवारिक विवादों का समाधान काउंसलिंग के जरिए निकालने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल विवाद निपटाना ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करना भी है। पुलिस विभाग बढ़ती आत्महत्या प्रवृत्ति पर रोक लगाने और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा, प्रताड़ना तथा अपराधों में कमी लाने के लिए भी इस मंच का उपयोग करेगा।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की ओर से सभी एडीजी जोन, रेंज अधिकारियों और पुलिस आयुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस मंथन-2025 की संस्तुतियों और डीजीपी के निर्देशों के आधार पर गोरखपुर जोन के मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। यह सम्मेलन सभी जिलों में नियमित रूप से आयोजित होंगे।
सम्मेलन के दौरान छात्राओं, युवतियों और महिलाओं से सीधा संवाद किया जाएगा। उन्हें जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने, मानसिक तनाव से निपटने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि संवाद और जागरूकता से समाज में महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों के हाथों में रहेगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन सम्मेलनों में छात्राओं, युवतियों और महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
गोरखपुर में हुए ऐसे आयोजनों के अनुभव बताते हैं कि कई स्थानों पर महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, हालांकि कुछ जगहों पर लोगों को जोड़ने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। अब पुलिस इस पहल को व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गई है।

फर्जी सिम कार्ड पर सख्ती: देशभर में लगभग 2 करोड़ नंबर बंद, यूपी में सबसे ज्यादा जांच जारी।

संचार साथी पोर्टल से खुलासा: लाखों संदिग्ध मोबाइल नंबर जांच के दायरे में।

प्रवाह ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में बढ़ते साइबर अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए दूरसंचार कंपनियां और केंद्रीय एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसी क्रम में अब तक देशभर में 1.96 करोड़ ऐसे सिम कार्ड नंबर बंद किए जा चुके हैं, जिनके संबंध में लोगों ने शिकायत की थी कि ये नंबर उनके नाम पर जारी किए गए हैं, जबकि वे उनका उपयोग नहीं कर रहे थे।
सरकार ने मई 2023 से संचार साथी पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस पोर्टल पर ग्राहक अपने आधार नंबर की मदद से यह देख सकते हैं कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर संचालित हो रहे हैं। साथ ही, यदि कोई नंबर उनके आधार पर पहले जारी हुआ हो लेकिन अब उसका उपयोग नहीं हो रहा हो, तो उसकी शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
देश के 22 टेलीकॉम सर्किलों में अब तक सिम कार्ड से संबंधित 3.78 करोड़ से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 3.57 करोड़ शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 22.87 लाख से अधिक मामलों की जांच अभी जारी है। जांच के आधार पर 1.96 करोड़ सिम कार्ड नंबर बंद किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक मोबाइल नंबर जांच के दायरे में हैं। यूपी के दोनों टेलीकॉम सर्किल (पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश) में सबसे अधिक सिम कार्ड बंद किए गए हैं। वर्तमान में राज्य में 4.39 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच चल रही है। इन मामलों में ग्राहकों ने शिकायत की है कि संबंधित नंबर उनके नाम पर चल रहे हैं, जबकि वे उनका उपयोग नहीं कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में देशभर में शिकायतों की संख्या में कमी आई है। इसका मुख्य कारण सभी मोबाइल नंबरों के लिए केवाईसी प्रक्रिया को और अधिक सख्ती से लागू किया जाना है।

दिल्ली से देशभर तक बदलेगी टोल व्यवस्था, नई SOP से सफर होगा आसान।

लंबी कतारों से मिल सकती है छुट्टी, यात्रियों को मिलेगी राहत।

प्रवाह ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा स्थापित करने को लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है। इस नए नियम का उद्देश्य वाहन चालकों पर बार-बार पड़ने वाले टोल शुल्क के बोझ को कम करना और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
सूत्रों के मुताबिक, अब किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर 60 किलोमीटर की दूरी से पहले नया टोल प्लाजा स्थापित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक हाई-लेवल टोल कमेटी का भी गठन किया है।
नई SOP के तहत सबसे अहम बदलाव यह है कि दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी अनिवार्य होगी। हालांकि, यदि किसी विशेष परिस्थिति में इससे कम दूरी पर टोल प्लाजा बनाने की आवश्यकता होती है, तो संबंधित एजेंसी को उच्च स्तरीय समिति से विशेष मंजूरी लेनी होगी।
सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लिए भी सख्त प्रावधान किए हैं। नए नियमों के अनुसार नगर निगम या शहर की सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा स्थापित करने पर भी कड़ी पाबंदी रहेगी।
NHAI के कमर्शियल ऑपरेशन मेंबर की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी इस बात की निगरानी करेगी कि यात्रियों को बार-बार टोल शुल्क का आर्थिक दबाव न झेलना पड़े।
हालांकि, वर्तमान में देशभर में 130 से अधिक ऐसे स्थान मौजूद हैं जहां 60 किलोमीटर से कम दूरी पर दो टोल प्लाजा स्थित हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का प्रभाव मुख्य रूप से भविष्य में बनने वाले नए हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा।
उधर, राजधानी दिल्ली में भी टोल व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। दिल्ली नगर निगम ने शहर के सभी 156 टोल नाकों पर बैरियर-फ्री मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि नई तकनीक लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम में कमी आएगी और रोजाना लाखों यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा आसान और तेज हो सकेगा। यह बदलाव आने वाले समय में देश की सड़क यात्रा व्यवस्था में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।

अंत्योदय अन्न योजना में बड़ा बदलाव: अब प्रति व्यक्ति के आधार पर मिलेगा राशन।

अब 7 किलो प्रति व्यक्ति, एक परिवार को अधिकतम 35 किलो अनाज का प्रस्ताव।

प्रवाह ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को हर महीने 35 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाता है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कम हो या अधिक। प्रस्तावित नई व्यवस्था के अनुसार खाद्यान्न वितरण परिवार के बजाय परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक सदस्य को 7 किलोग्राम अनाज मिलेगा, लेकिन किसी भी परिवार को अधिकतम 35 किलोग्राम से अधिक खाद्यान्न नहीं दिया जाएगा।
इस बदलाव का सबसे अधिक असर पांच से कम सदस्यों वाले परिवारों पर पड़ सकता है। ऐसे परिवारों को वर्तमान व्यवस्था की तुलना में कम राशन मिलने की संभावना है। वहीं, पांच या उससे अधिक सदस्यों वाले परिवारों को पहले की तरह अधिकतम 35 किलोग्राम खाद्यान्न मिलता रहेगा।
यह प्रस्ताव केवल अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों पर लागू होगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले अन्य लाभार्थियों के लिए वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी, जिसके तहत प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम खाद्यान्न मिलता है।
देशभर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लगभग 81 करोड़ लोग लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इनमें करीब 7.8 करोड़ लाभार्थी अंत्योदय अन्न योजना से जुड़े हैं, जो लगभग 2.30 करोड़ परिवारों का हिस्सा हैं।
हालांकि, यह बदलाव तत्काल लागू नहीं होगा। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक-2026 का मसौदा सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया है। इस पर 13 जुलाई तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद विधेयक को अंतिम रूप देकर संसद में पेश किया जाएगा। दोनों सदनों से पारित होने और अधिसूचना जारी होने के बाद ही नई व्यवस्था लागू होगी।

विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल की प्रखण्ड बैठक आयोजित, संगठन विस्तार व युवा जागरूकता पर मंथन।

युवाओं को जागरूक करने और संगठन विस्तार पर रहा विहिप-बजरंग दल का विशेष बल।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के प्रखण्ड जुनावई की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को सुबह 11 बजे जती बाबा मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजनाओं, विस्तार और क्षेत्र में जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के संगठन मंत्री गौरव प्रताप तथा विभाग प्रमुख रविकांत महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों, उद्देश्यों एवं आगामी गतिविधियों की जानकारी देते हुए संगठनात्मक मजबूती पर विशेष बल दिया।

बैठक में विहिप के मोहित जी, जिला अध्यक्ष अमित जी सहित प्रखण्ड जुनावई के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान संगठन के विस्तार, सक्रियता और युवाओं की भागीदारी को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्रखण्ड संयोजक बजरंग दल दीपक यादव ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक मजबूत बनाना तथा युवाओं में राष्ट्र एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि समाजहित एवं संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
बैठक का समापन संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ किया गया।

संभल में 60 साल बाद खुला 100 करोड़ की सरकारी जमीन का मामला, 38 बीघा भूमि फिर हुई सरकारी।

सरकारी जमीन को निजी बताकर हुआ व्यावसायिक इस्तेमाल, अब कार्रवाई की तैयारी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। छह दशक से फाइलों और अदालती प्रक्रियाओं में उलझा करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 38 बीघा सरकारी जमीन का मामला अब फिर चर्चा में आ गया है। संभल-मुरादाबाद हाईवे पर स्थित इस बेशकीमती भूमि को कथित तौर पर निजी संपत्ति के रूप में दर्ज कर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। अब लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद जमीन को दोबारा राज्य सरकार और ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है।
रविवार को जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने गांव तख्त गोसाईं पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक मामले की जानकारी जुटाई।

डीएम ने बताया कि यह भूमि वर्ष 1954 में नगर पालिका परिषद संभल को केवल प्रबंधन के लिए दी गई थी, लेकिन वर्ष 1967 में कथित तौर पर इसका पट्टा कुछ लोगों को दे दिया गया, जबकि नगर पालिका के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं था। बाद में वर्ष 1991 और 1992 में अदालतों ने कब्जाधारियों को अवैध बताते हुए जमीन को सरकारी घोषित कर दिया।
हालांकि वर्ष 2008 में तत्कालीन डीडीसी द्वारा विवादित आदेश जारी कर इस भूमि को निजी खातेदारों के नाम दर्ज कर दिया गया। हाल ही में पूरे मामले की दोबारा जांच कराई गई, जिसमें जमीन को सरकारी ‘नवीन परती’ भूमि पाया गया।

इसके बाद डीडीसी कोर्ट में पुनर्स्थापना याचिका दायर की गई और सुनवाई के बाद फैसला राज्य सरकार के पक्ष में आया। अब खतौनी से निजी नाम हटाकर भूमि को फिर से राज्य सरकार और ग्राम सभा के नाम दर्ज कर दिया गया है।
जहां अब प्रशासन ने मामले में तत्कालीन अधिकारियों, संबंधित कर्मचारियों, बैनामा कराने वाले व्यक्तियों और मूल पट्टेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान, लक्ष्य निर्धारण से दिया सफलता का मंत्र।

राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ ने 300 मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित।

प्रवाह ब्यूरो
अमरोहा। राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के तत्वावधान में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। नगर स्थित आदर्श वेंकट हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में करीब 300 छात्र-छात्राओं को सम्मान देकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार प्रजापति, ग्राम्य विकास विभाग के निदेशक डॉ. वरदानी, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. प्रवेश कुमार तथा दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष जयभगवान प्रजापति ने मां सरस्वती एवं दक्ष प्रजापति की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुरेंद्र कुमार प्रजापति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी पूरे मनोयोग, लगन और परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होते हैं तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
समारोह में एलडीएम उमेश कुमार प्रजापति, नवनीत कुमार गोला, उमेश प्रजापति, नरेश प्रजापति, हेमेंद्र स्वरूप प्रजापति, इंद्रदेव गोला, कैलाश प्रजापति, डॉ. संजय कुमार प्रजापति, फूल कुमार प्रजापति, सतपाल प्रजापति, श्याम लाल प्रजापति, मुन्ना लाल प्रजापति, करन सिंह प्रजापति, रामवीर प्रजापति, डॉ. भूदेव प्रजापति एवं मदनलाल प्रजापति सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित श्योनाथ सिंह प्रजापति ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

संभल में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत, जेई और लाइनमैन पर एफआईआर।

भतीजे को बचाने पहुंचे चाचा भी करंट की चपेट में आये।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जिले में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना में युवक को बचाने पहुंचे उसके चाचा भी करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है। पुलिस ने इस मामले में विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और लाइनमैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यह घटना 18 जून को दोपहर करीब 12:30 बजे तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव काशीपुर में हुई। मृतक की पहचान अमन कुमार (20) पुत्र अमर सिंह के रूप में हुई है, जबकि घायल चाचा की पहचान मोनू पुत्र सतपाल के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, अमन खेत में मक्का के सूखे भुट्टों से दाने अलग करने का काम कर रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन ट्रैक्टर-ट्रॉली और मक्का निकालने वाली मशीन के संपर्क में आ गई, जिससे अमन करंट की चपेट में आ गया।
अमन को बचाने के प्रयास में उसके चाचा मोनू भी करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने शोर मचाया और बिजली लाइन बंद कराए जाने के बाद दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विरास यादव ने अमन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल मोनू का इलाज जारी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रविवार को थाना प्रभारी धीरज नगर ने बताया कि मृतक के पिता की शिकायत पर अज्ञात जेई और लाइनमैन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि अमन अपने परिवार में तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था।

यूपी होमगार्ड भर्ती रिजल्ट जारी, 1.07 लाख अभ्यर्थी हुए पास।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल टेस्ट की डेट जल्द जारी होगी।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। यूपी होमगार्ड भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का रिजल्ट रविवार दोपहर जारी कर दिया गया। यह परीक्षा 41,424 पदों पर भर्ती के लिए 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। अब सफल अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और फिजिकल टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
भर्ती बोर्ड ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल टेस्ट के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी है। इसके साथ सभी जिलों की श्रेणीवार कट-ऑफ सूची भी उपलब्ध कराई गई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अनुसार, कुल रिक्तियों के मुकाबले लगभग 2.6 गुना अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए चयनित किया गया है। भर्ती परीक्षा में 19 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से 1,07,221 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए हैं। सफल अभ्यर्थियों को अब अगले चरण यानी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा।
भर्ती बोर्ड के अपर सचिव/परीक्षा नियंत्रक सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल टेस्ट की तिथियां जल्द ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि भर्ती से जुड़े सभी अपडेट और सूचनाओं के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही नजर रखें। किसी तकनीकी त्रुटि की स्थिति में बोर्ड का निर्णय अंतिम और मान्य होगा।

संभल में राकेश टिकैत का सरकार और कथित चंदा घोटाले पर हमला।

◆ बोले- चंपत राय चंदा लेकर चंपत हो गया, यह एक गैंग है, हमारे चंदे का सरकार हिसाब दे।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद के बहजोई कस्बे में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा चोरी के आरोपों को लेकर इसे एक “गैंग” की गतिविधि बताया और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
टिकैत ने कहा कि इस कथित गैंग से यह पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने कितनी राशि और किस प्रकार से चोरी की। उन्होंने दान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे “झूठ” बताया और कहा कि यह एक पूरी “चेन” है, जिसमें बदलाव की जरूरत है। साथ ही उन्होंने सरकार से अपने दिए गए चंदे का हिसाब भी मांगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गाय और तिरंगे के नाम पर काम करने का दावा करते हैं, लेकिन उनका कोई वास्तविक उद्देश्य या संवेदनशीलता नहीं है। गौशालाओं पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने उन्हें “जेल” की संज्ञा दी और कहा कि वहां गायें भूख से मर रही हैं। उनका कहना था कि ₹50–100 में एक पशु का एक दिन का पालन-पोषण संभव नहीं है।
प्रेस वार्ता के दौरान टिकैत ने अमेरिकी कृषि उत्पादन डील का भी विरोध किया। उन्होंने बताया कि किसान संगठन पिछले छह महीनों से इस डील के खिलाफ पंचायतें आयोजित कर रहे थे और सरकार को ज्ञापन सौंप रहे थे। उन्होंने दावा किया कि किसान संगठनों के दबाव के कारण भारत सरकार यह समझौता नहीं कर पाई और अब आगे बातचीत की बात सामने आ रही है।
नैनो उर्वरक पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसके परिणाम संतोषजनक नहीं हैं और किसान इसे खरीदना नहीं चाहते। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह किसी बड़े नेता की कंपनी का उत्पाद है और इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
इसके अलावा, अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा कि जब लोग सत्ता में रहते हैं तो आंदोलन नहीं करते, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद ऐसे आंदोलनों में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि “महाराज” होने के नाते उन्हें अपना कार्य करना चाहिए।
राकेश टिकैत रविवार सुबह लगभग 11:20 बजे बहजोई पहुंचे, जहां उन्होंने संगठन के साथियों से मुलाकात की और बाद में मीडिया को संबोधित किया।